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- राजपुतानियों के 'तलवार रास' गरबा की घूम....
Posted by : achhiduniya
18 October 2023
नौ दिवसीय हिंदू त्योहार नवरात्रि के तीसरे
दिन महाराष्ट्र के मुंबई में मुंबा देवी मंदिर में शुरुआत के लिए आरती आयोजित की गई। आरती के
दौरान मंदिर की घंटी और अन्य वाद्ययंत्रों की आवाज से मंदिर गूंज उठा। गुजरात के
सूरत के उमिया मंदिर में भी सुबह की आरती हुई। सोशल
मीडिया में एक वीडियो सामने आया जिसमें देखा जा
सकता है कि महिला ने पहले बाइक चलाते हुए तलवार लेकर गरबा किया इसके बाद दूसरी
महिला ने कार चालते हुए तलवार लेकर गरबा किया। दरअसल
गुजरात की
लोक परंपराओं के विद्वानों
के अनुसार, तलवार रास
उन राजपूत युद्ध नायकों की याद में बनाया गया था जो भूचर मोरी के ऐतिहासिक युद्ध (18 जुलाई, 1591) में मारे गए थे। यह गुजरात में
किया जाने वाला एकमात्र रास नहीं है। कृषक समुदाय, योद्धा
समुदाय,समुद्री समुदाय और यहां तक कि मुस्लिम मालधारी समुदाय सहित
विभिन्न समुदायों द्वारा लगभग छह प्रकार के रास का प्रदर्शन किया जाता है।
तलवार रास या तलवार चलाना गुजरात की
एक पारंपरिक संस्कृति है जहां पारंपरिक राजपूताना पोशाक में महिलाएं देवी दुर्गा का सम्मान करने के लिए अनोखा
गरबा करती हैं। नवरात्रि के तीसरे दिन, भक्त देवी
चंद्रघंटा की पूजा करते हैं,जो देवी महागौरी का विवाहित रूप
है। चंद्र-घंटा के नाम से मशहूर, उनका नाम घंटी के आकार के आधे चंद्रमा का प्रतीक है। गौरतलब है की गुजरात के राजकोट में मंगलवार को
नवरात्रि उत्सव के तीसरे दिन महिलाओं ने राजवी महल में बाइक और कारों पर हाथों में
तलवार लेकर गरबा किया।
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