- Back to Home »
- Crime / Sex »
- पुणे सीपी अमितेश कुमार ने बताई पुणे हिट एंड की कोर्ट द्वारा खारिज की गई अपील....
Posted by : achhiduniya
24 May 2024
पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार से प्रेस-कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों ने कहा सवाल उठ
रहा था कि आखिर नाबालिग आरोपी को ही क्यों पकड़ा गया? कार में उसके और दोस्त भी सवार थे, लेकिन किसी ने भी उसे तेज ड्राइव करने से नहीं रोका। पोर्श कार पुणे की सड़कों पर 200 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से फर्राटा भर रही थी और सभी दोस्त
नशे में धुत होकर उस रफ्तार का आनंद लेने में मस्त थे। इसलिए वेदांत के साथ-साथ उसके अन्य दोस्त भी इस
हादसे के लिए उतना ही जितना कि वेदांत है। उन्हें भी पकड़ा जाए। प्रेस-कॉन्फ्रेंस में पुलिस
कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि पिता विशाल अग्रवाल की पोर्श कार नाबालिग आरोपी
ही चला रहा था। हादसे
के
वक्त कार में चार लोग सवार थे। पुलिस कमिश्नर ने ये
नहीं बताया कि कार में वेदांत के साथ और कौन-कौन था? हालांकि ये जरूर बताया कि कि ये लोग शहर के दो बार में शराब
पीने गए थे। वेदांत की
पार्टी में उसके सात से आठ दोस्त शामिल हुए थे। कहा जा रहा है कि हादसे वाले दिन
ड्राइवर में भी नाबालिग के साथ था। ड्राइवर की भी गवाही ली जाएगी। अमितेश कुमार ने बताया कि ये
हादसा 18 मई की देर
रात 2.30 बजे हुआ था।
फिर सुबह 8 बजे FIR दर्ज की गई। 304 ए के तहत मामला दर्ज किया गया। आगे की जांच के बाद सुबह 11 बजे धारा 304 लगाई गई। कोर्ट में भी ये बताया गया था कि
धारा 304 भी लगाई गई
है। इसके बाद
उन्होंने किशोर बोर्ड में आवेदन देकर अनुरोध किया कि बच्चे को वयस्क घोषित किया
जाए। यह भी
अनुरोध किया गया कि लड़के को किशोर सुधार गृह भेजा जाए, लेकिन हमारे आवेदन खारिज कर दिए गए। अमितेश कुमार ने कहा कि इसलिए हम
सुप्रीम कोर्ट गए। हाई कोर्ट
ने किशोर बोर्ड को भेज दिया। बोर्ड ने बच्चे को बाल सुधार गृह भेज दिया है। उसे बालिग साबित करने की कोशिश
की जा रही है। जब पुलिस
कमिश्नर से पूछा गया कि क्या पुलिस ने मामले में देरी से कार्रवाई की, किसी का दबाव था क्या? इस पर उन्होंने कहा कि हमने इस मामले में कड़ी धाराएं लगाई हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि देरी या किसी का
दबाव था। शुरुआत में
धारा 304 क्यों नहीं
लगाई गई? क्या
आरोपियों को कोई सुविधा मुहैया कराई गई? क्या इसकी
जांच की गई। इस पर
पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा कि इसमें कोई तथ्य नहीं मिले। पता ही नहीं चला कि पिज्जा
पार्टी हुई थी। हालांकि
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि शुरुआत में जो कुछ हीलाहवाली हुई,उसकी भी हम जांच कर रहे हैं। जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करेंगे।


