- Back to Home »
- State News »
- दलित समागम रैली,11 सूत्री मांगें जीतन राम मांझी ने कही बड़ी बात...
Posted by : achhiduniya
28 February 2025
दलित समागम रैली राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में की गई। बिहार
के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी एवं मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी ने
दलितों के हित के लिए कई मुद्दे उठाएं. वहीं कार्यक्रम में 11 सूत्री मांगें भी रखी गईं, जिसमें कई महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रस्ताव दिए गए हैं। हम पार्टी की
ओर से दलित समागम रैली में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विशाल प्रतिमा बनाने की मांग
रखी गई। सभी पेंशन की राशि 2000 की जाए और महंगाई भत्ते के
तर्ज पर इसे हर साल बढ़ाया जाए। बालिकाओं
के लिए शिक्षा को मुफ्त किया जाए, ताकि बेटियों को अच्छा
भविष्य मिल सके। जीविका दीदी,रसोईया,ममता दीदी और इन जैसे अनेक कार्यरत लोगों को सरकारी किया जाए, ताकि सम्मान जनक वेतन इन्हें मिले। 21 से 35 साल के बेरोजगार को 5000 बेरोजगारी भत्ता दिया जाए ताकि
आर्थिक सहायता मिल सके। सामान
शिक्षा नीति लागू किया जाए। मध्य वर्ग के लिए सस्ती स्वास्थ बीमा लागू की जाए, जिससे 10 से 15 लाख का इलाज मुफ्त मिल सके। जीतन राम मांझी ने लोगों को संबोधित
करते हुए कहा कि आज देश विकसित हो रहा है, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह भारत
बढ़ रहा है। विकसित भारत बनाना 2047 में नया भारत बनाना है। नया भारत कब बनेगा जब दलितों को उचित
सम्मान देने का काम भारत और बिहार की सरकार करेगी। वहीं उन्होंने कहा कि अंबेडकर
का सपना प्रधानमंत्री बनकर नरेंद्र
मोदी ने पूरा किया है।
अंबेडकर
के लिए महाराष्ट्र में सड़क बनाने का काम पीएम मोदी ने किया। इस भारत का हिस्सा
कश्मीर था,वहां कोई आरक्षण नहीं था। मोदी आए तो वहां आरक्षण दिया। बिहार में 2005
के पहले
कोई आरक्षण नहीं था। नीतीश कुमार ने पंचायती राज में आरक्षण की व्यवस्था की। उन्हेंने
कहा कि 1950 में जब संविधान बाबा
अंबेडकर बना रहे थे। उस समय बाबा साहेब के पीछे श्याम प्रसाद मुखर्जी खड़े थे। युवराज
राम को भगवान राम किसी ने बनाया तो वह माता सबरी ने किया था,अगर झूठे बेर नहीं खाते तो राम भगवान नहीं होते। दलितों के बिना यह देश नहीं बढ़ सकता। बिहार का 20% आबादी यह दलित हैं।