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- भैंस खरीदने नहीं थे पैसे सामुहिक विवाह में भाई-बहन बने दूल्हा-दुल्हन जाने कैसे हुआ खुलासा...?
Posted by : achhiduniya
24 February 2025
हसनपुर के
सोंहत गांव की रहने वाली असमा की शादी 2022 में जयतौली निवासी नूर मोहम्मद से हुई थी।
शुरुआत में सब ठीक था, लेकिन बाद में दोनों के बीच अनबन रहने
लगी। ऐसे में असमा छह महीने पहले अपने मायके आ गई थी। इस बीच जब उसे उत्तर प्रदेश
के अमरोहा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के बारे में पता चला तो सरकारी लाभ लेने
के लिए उसने अपने चचेरे भाई जबेर अहमद के साथ शादी का प्लान बनाया। असमा और जबेर
ने शादी के बाद मिलने वाले सामान के बंटवारे का फॉर्मूला भी तैयार कर लिया था।
मुख्यमंत्री सामूहिक शादी में यूपी सरकार नवविवाहित जोड़े को एक डिनर सेट,
दूल्हा-दुल्हन के
लिए दो जोड़ी कपड़े, एक दीवार घड़ी, एक वैनिटी किट, एक दुपट्टा, चांदी की अंगूठियां,
पायल
और एक लंच बॉक्स
देती है। इसके साथ ही 35000 रुपये दिए जाते हैं। असमा इन पैसों से
भैंस खरीदना चाहती थी। पहले पति को लेकर उसने बताया कि तलाक का मामला अदालत में चल
रहा है। फर्जीवाड़े का दूसरा मामला भी सामने आया है। यहां एक लड़की के दूल्हे की
तबीयत खराब होने के कारण वह शादी करने नहीं पहुंचा तो लड़की की शादी तीन बच्चों के
पिता से करा दी गई।
फेरे के दौरान किसी ने युवक को पहचान लिया तो पूरा मामला सामने
आया। इस घटना के बाद सीडीओ ने संबंधित ग्राम सचिव को निलंबित कर दिया और पूरे
मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही वर-वधू को मिलने वाला पैसा भी वापस ले
लिया गया। कुछ रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पहले 335
जोड़ों की शादी होनी
थी, लेकिन असमा के खुलासे के बाद सभी जोड़ों के दस्तावेजों की जांच शुरु
हुई। ऐसे में 145 जोड़े भाग गए। अंत में सिर्फ 190 जोड़ों की शादी कराई गई।