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- पेपर लीक मामले में भारतीय रिजर्व बटालियन के पांच जवानों सहित आठ लोग गिरफ्तार...
Posted by : achhiduniya
26 March 2025
आपराधिक जांच विभाग
(CID) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार,जांच के दौरान, यह पता लगा कि परीक्षा से पहले प्रतिभागियों को
प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर एक गिरोह के सदस्यों ने रुपये जमा करवाए थे,
जिससे लोगों के बीच प्रश्नपत्र लीक होने
की अफवाह और संदेह फैल गया। बयान में कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए आठ लोग इसी
गिरोह से जुड़े हुए हैं। CID की ओर
से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि झारखंड कंपीटिटिव एग्जाम प्रिवेंशन एंड
रिड्रेसल ऑफ अनफेयर मीन्स इन रिक्रूटमेंट एक्ट 2003 के तहत अभियोगी के लिखित आवेदन पर मामला दर्ज
किया गया था। 21 और 22 सितंबर 2024 को राज्यभर में JSSC CGL
परीक्षा तीन पालियों में आयोजित हुई थी। इस परीक्षा में कथित रूप से धोखाधड़ी हुई,
जिसमें अभ्यर्थियों को गुमराह कर
प्रश्नपत्र देने के नाम पर धन
उगाही का मामला सामने आया। CID ने जांच के आधार पर दावा किया कि परीक्षा से
पहले गिरोह के सदस्यों ने अभ्यर्थियों से CGL प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर धन वसूला था।
इस कारण CGL प्रश्नपत्र लीक की अफवाहें तेज हो गईं। जांच के
दौरान यह भी पता चला कि इस गिरोह का कथित सरगना गोरखपुर का निवासी है। CID की SIT के
द्वारा केस में मास्टरमाइंड की तलाश जारी है। आरोपियों से पूछताछ में जानकारी मिली
है कि गिरोह का मास्टरमाइंड उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का रहने वाला है। अब SIT ने यह दावा किया है कि अब तक पेपर लीक से जुड़ा
कोई भी तकनीकी या भौतिक साक्ष्य एजेंसी को नहीं मिला है। CID के तरफ से जारी की गई प्रेस रिलीज में यह बताया
गया है कि गिरोह में इंडियन रिजर्व बटालियन [IRB] के 6 जवान, एक असम राइफल का जवान, रामगढ़ में पोस्टेड एक होमगार्ड समेत कुल आठ
लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
गौरतलब है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC)
द्वारा पिछले वर्ष सितंबर में आयोजित हुई
भर्ती परीक्षा में ‘पेपर लीक’ हो जाने के सिलसिले में राज्य आपराधिक जांच विभाग
(CID) ने भारतीय रिजर्व
बटालियन (IRB) के पांच जवानों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने यह
जानकारी दी। हालांकि, CID ने कहा है कि मूल प्रश्नपत्र लीक होने का कोई
प्रत्यक्ष या भौतिक सबूत अब तक नहीं मिला है।