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- MP-30 लाख पढ़े-लिखे बेरोजगार, सरकार का छलावा बता रही आकांक्षी युवा
Posted by : achhiduniya
28 March 2025
मध्य प्रदेश विधानसभा
में प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या को लेकर एक सवाल के जवाब में राज्य के कौशल
विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि रोजगार पोर्टल पर पंजीकृत
बेरोजगारों की जानकारी संधारित नहीं की जाती है, अपितु आकांक्षी युवाओं की जानकारी संधारित है। इस पर कांग्रेस ने भाजपा
सरकार पर युवाओं को छलने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री और नेता
सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि सरकार बेरोजगारों को मकड़जाल में फंसा रही है। नाम
बदलने से परिस्थितियां नहीं बदलने वाली है। उन्होंने
कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014
में हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने की बात कही थी,जबकि मध्य
प्रदेश की सरकार हर साल 10 लाख नौकरियां देने का वादा कर चुकी है,
लेकिन सच्चाई सबके सामने हैं। वहीं बीजेपी
सरकार की इस पहल को सराहनीय बता रही है। बीजेपी के विधायक भगवान दास सबनानी ने कहा
कि आज की युवा पीढ़ी की आकांक्षा है कि वह कम करें, केवल सरकारी नौकरी ही नहीं बल्कि ना स्टार्टअप और
अन्य रोजगारों के माध्यम से उसे आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है,
तो अगर नाम में परिवर्तन हुआ है तो इससे
कांग्रेस को क्यों तकलीफ हो रही है।
सरकार युवाओं की उड़ान के लिए कुछ करना चाहती
है तो कांग्रेस राजनीति क्यों कर रही है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले
निवेश से प्रदेश के लाखों युवाओं को आने वाले समय में रोजगार मिलेगा। दरअसल,मध्य प्रदेश में पढ़े-लिखे बेरोजगारों की संख्या
लाखों में है,लेकिन अब सरकार प्रदेश के बेरोजगारों को बेरोजगार नहीं बल्कि आकांक्षी
युवा बता रही है। रोजगार कार्यालय, रोजगार मेलों और प्रदेश के रोजगार पोर्टल में
पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को आकांक्षी युवा का नाम दिया गया है। प्रदेश के सरकारी
आंकड़े के मुताबिक प्रदेश में लगभग 30 लाख पढ़े-लिखे बेरोजगार हैं,
जो सरकार की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख
रहे हैं। सरकार ये दावा कर रही है कि आने वाले सालों में सरकार प्रदेश के पढ़े-लिखे
युवाओं को नौकरी देगी,लेकिन जिस गति में रोजगार सृजन हो रहा है और
बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है निकट भविष्य में तो ऐसा होता संभव नहीं दिख रहा
है।