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- नेशनल हेराल्ड कांड,यंग इंडियन दो हजार करोड़ रुपये की आपराधिक आय प्राप्त करने का एक साधन....
Posted by : achhiduniya
12 July 2025
ईडी ने कहा था कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी
कांग्रेस को नियंत्रित करते हैं, उनका उद्देश्य 92 करोड़ प्राप्त करना नहीं था, बल्कि
उनका उद्देश्य दो हजार करोड़ रुपये प्राप्त करना था। ईडी ने कहा था सोनिया गांधी
और राहुल गांधी ने दो हजार करोड़ की संपत्ति के लिए मात्र 50 लाख
रुपये ही दिए। ईडी ने कहा था कि एसोसिएटेड जनरल्स लिमिटेड का स्वामित्व लेने के
बाद गांधी परिवार के नियंत्रण वाली यंग इंडियन लिमिटेड ने घोषणा की कि वो नेशनल
हेराल्ड अखबार का प्रकाशन नहीं करेगा। ईडी की ओर से एएसजी एसवी राजू ने दिल्ली के
राउज एवेन्यू कोर्ट में नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान गवाहों
के बयान का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को जिन लोगों ने दान दिया उनके
साथ धोखाधड़ी की गई। कुछ दानदाताओं को टिकट भी दिए गए। राजू ने गांधी परिवार की उस
दलील का विरोध किया कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर उनका कोई नियंत्रण
नहीं था। उन्होंने कहा कि एजेएल ही मूल
रुप से नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक थी। इस
मामले में 5 जुलाई
को लोकसभा में विपक्ष और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील
आरएस चीमा ने कहा था कि कांग्रेस ने एजेएल को बेचने की कोशिश नहीं की थी बल्कि वो
इस संस्था को बचाना चाहती थी, क्योंकि वो स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा थी। चीमा ने कहा था कि ईडी एजेएल का
मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन क्यों नहीं दिखा रही है। एजेएल की स्थापना जवाहर लाल नेहरु, जेबी
कृपलानी, रफी
अहमद किदवई और दूसरे कांग्रेस नेताओं ने 1937 में की थी।
चीमा ने कहा था कि
एजेएल के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएएशन में कहा गया है कि उसकी सभी नीतियां कांग्रेस की
होंगी। बता दें कि 4 जुलाई को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु
सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने एक आश्चर्यजनक और अप्रत्याशित मामला बनाया। उन्होंने
कहा था कि ईडी ने आश्चर्यजनक से भी ज्यादा मामला बनाया है। ये मनी लांड्रिंग का
ऐसा मामला है जिसमें संपत्ति का कोई जिक्र नहीं है। सिंघवी ने कहा था कि यंग इंडियन ने पूरी
कार्रवाई एसोसिएटेड जनरल लिमिटेड को कर्ज मुक्त करने के लिए किया। उन्होंने कहा था कि हर कंपनी अपने को कर्ज मुक्त
करने के लिए कानून के मुताबिक कदम उठाती है। कंपनियां अपने को कर्ज मुक्त करने के लिए
दूसरी कंपनी को दे देती हैं।
उन्होंने कहा था कि यंग इंडियन लाभ कमाने वाली कंपनी
नहीं है। सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने
सालों तक कुछ नहीं किया और किसी निजी शिकायत को आधार बनाकर कार्रवाई शुरु की। कोर्ट
ने 2 मई
को इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत सात आरोपियों को नोटिस जारी किया था। ईडी ने 15 अप्रैल
को कोर्ट में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। ईडी ने इस मामले में कांग्रेस नेता
सोनिया गांधी,लोकसभा
में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सैम पित्रोदा को आरोपी बनाया है। ईडी ने मनी
लांड्रिंग कानून की धारा 44 और 45 के तहत शिकायत दाखिल किया है।
इस मामले में
शिकायतकर्ता सुब्रह्मण्यम स्वामी का आरोप है कि दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग
पर स्थित हेराल्ड हाउस की 16 सौ करोड़ रुपये की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए
साजिश के तहत यंग इंडियन लिमिटेड को एजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया। स्वामी
का कहना है कि हेराल्ड हाउस को केंद्र सरकार ने समाचार पत्र चलाने के लिए जमीन दी
थी, इस
लिहाज से उसे व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। ईडी की ओर
से 3 जुलाई
को दलीलें पूरी कर ली गयी थी। ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा था कि यंग
इंडियन दो हजार करोड़ रुपये की आपराधिक आय प्राप्त करने का एक साधन था और यह मनी
लांड्रिंग का एक क्लासिक मामला है। राजू ने कहा था कि शेयरहोल्डिंग सिर्फ नाम के
लिए है और अन्य आरोपी गांधी परिवार की कठपुतली है।