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चोरी की गाड़ियों को 'टोटल लॉस' बताकर री रजिस्ट्रेशन कर बाजार में बेचने वाले गिरोह का भांडाफोड़ किया पुलिस ने
Posted by : achhiduniya
18 January 2026
दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह गैंग चोरी की गाड़ियों को टोटल
लॉस -हादसे में खत्म हुई गाड़ियों के
चेसिस नंबर का इस्तेमाल कर दोबारा रजिस्टर कराता था। डीसीपी क्राइम ब्रांच आदित्य
गौतम के मुताबिक अगस्त 2025 में
पीतमपुरा से एक हुंडई क्रेटा चोरी हुई थी। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच को खबर
मिली कि जालंधर का एक पुराना कार डीलर चोरी की गाड़ियां खरीद-बेच रहा है। पुलिस ने
जालंधर में छापेमारी की और मास्टरमाइंड दमनदीप सिंह उर्फ लकी को धर दबोचा। उसकी
निशानदेही पर दिल्ली के पीतमपुरा से अमनदीप और चंडीगढ़ से अरविंद को भी गिरफ्तार
किया। डीसीपी ने जानकारी दी कि यह गैंग बहुत ही शातिर तरीके से काम करता था। सबसे
पहले दिल्ली-NCR से डिमांड के हिसाब से लग्जरी
गाड़ियां चुराई जाती थीं। फिर इन चोरी की गाड़ियों के इंजन और चेसिस नंबर को मिटा
दिया जाता था। जिसके बाद बी.टेक पास अरविंद शर्मा बैंकों के फर्जी NOC और सेल लेटर तैयार करता था। फिर एक्सीडेंट में पूरी तरह
बर्बाद हो चुकी गाड़ियों के चेसिस नंबर का इस्तेमाल कर, इन
चोरी की गाड़ियों का हिमाचल या पंजाब में दोबारा रजिस्ट्रेशन कराया जाता था, ताकि
ये बिल्कुल नई और असली लगें। पुलिस ने बताया कि इन नयी और असली गाड़ियों के लिए
दिल्ली का अमनदीप ग्राहक ढूंढता था और उन्हें सस्ते दाम पर बेच देता था।
दिल्ली
पुलिस की क्राइम ब्रांच ने देशभर में फैले एक ऐसे गिरोह को बेनकाब किया है जो
दिल्ली-NCR से लग्जरी कारें चुराकर उन्हें फर्जी कागजों के जरिए पंजाब
और हिमाचल में बेच रहे थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में 16 हाई-एंड गाड़ियां बरामद की हैं, जिनमें
फॉर्च्यूनर और थार जैसी गाड़ियां शामिल हैं। पुलिस ने कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार
किया है, जिसमें
गैंग का मास्टरमाइंड जालंधर का कार डीलर दमनदीप, फर्जी
कागज बनाने वाला बी.टेक ग्रेजुएट अरविंद और दिल्ली का एजेंट अमनदीप शामिल है। पुलिस ने 8 फॉर्च्यूनर, 5 किया सेल्टोस, 1 थार, 1 क्रेटा और 1 वेन्यू
कार बरामद की है।
दमनदीप सिंह जालंधर में पुरानी कारों का शोरूम चलाता था और इस
पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है।अरविंद शर्मा बी.टेक ग्रेजुएट है. पहले
सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता था,लेकिन
2019 से फर्जी दस्तावेज बनाने के धंधे में लग गया। अमनदीप
दिल्ली के कीर्ति नगर में फर्नीचर की दुकान चलाता है। यह दिल्ली में ग्राहकों को
फंसाने और गाड़ियां ठिकाने लगाने का काम करता था। डीसीपी क्राइम ब्रांच के मुताबिक
मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। आने
वाले दिनों में और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ कई और चोरी की गाड़ियों के
बरामद होने की संभावना है।



