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- 100 साल पुरानी परंपरा कहां लगता है भूतों का मेला?
Posted by : achhiduniya
22 March 2026
बिहार में एक जगह
ऐसी भी है, जहां
भूतों का मेला लगता है। ये 100 साल पुरानी परंपरा है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग बिहार के
रोहतास जिले में आते हैं। जहां दुनिया विज्ञान और
तकनीक के नए शिखर छू रही है, इंसान चांद और मंगल तक पहुंच चुका है,
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
मानव अस्तित्व को चुनौती दे रहा है,
वहीं दूसरी ओर बिहार के रोहतास जिले में
एक ऐसी परंपरा आज भी जीवित है, जो आधुनिक सोच को चुनौती देती है। यहां आज भी
भूत-प्रेत और आत्माओं में गहरा विश्वास देखने को मिलता है। रोहतास जिले के संझौली प्रखंड स्थित घिन्हू
ब्रह्म स्थान में हर साल चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र के दौरान एक अनोखा और
रहस्यमयी मेला लगता है, जिसे स्थानीय लोग भूतों का मेला
कहते हैं। चैत्र नवरात्र के नौ दिनों तक
चलने वाला यह मेला करीब 2 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला होता है। यहां का
माहौल किसी सामान्य धार्मिक मेले जैसा नहीं, बल्कि रहस्यमय और कई बार डरावना महसूस होता है।
चारों
ओर चीख-पुकार, अजीब हरकतें और तांत्रिकों द्वारा किए जा रहे तंत्र-मंत्र के बीच लोग
भूत-प्रेत को शांत कराने आते हैं। घिन्हू
ब्रह्म स्थान पर लगने वाला यह मेला सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, झारखंड और अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को भी
आकर्षित करता है। मान्यता है कि यहां आने से भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियों का
असर खत्म हो जाता है। मेले का दृश्य बेहद विचित्र और डरावना होता है। चारों तरफ
चीख-पुकार, तांत्रिकों
के मंत्रोच्चार और लोगों की अजीब हरकतें, यह सब मिलकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं जिसे देखकर
किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। यहां महिलाओं की संख्या अधिक होती है और वह अजीब
हरकतें करती दिखती हैं। कई महिलाएं खुले बालों के साथ चीखती-चिल्लाती नजर आती हैं।
कोई दौड़ रही होती है, तो कोई जमीन पर लोटती हुई दिखाई देती है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार,
इन महिलाओं पर “भूत सवार” होता है और वे उसी के प्रभाव में ये हरकतें करती
हैं। इस दौरान तांत्रिक उन्हें नियंत्रित करने और भूत उतारने
की कोशिश करते हैं। स्थानीय लोगों के
अनुसार, यह मेला
करीब 100 वर्षों
से लगातार आयोजित हो रहा है। साल में दो बार, चैत्र और शारदीय नवरात्र में,
यहां भारी भीड़ जुटती है। मेले में आने
वाले ज्यादातर लोग आर्थिक रूप से कमजोर तबके से होते हैं, जो अपनी समस्याओं का समाधान यहां तलाशते हैं।

